Computer and Internet Basics

1️⃣ कंप्यूटर क्या है?
कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो:
- इनपुट लेता है (जो आप देते हैं)
- उसे प्रोसेस करता है (सोचने जैसा काम)
- आउटपुट देता है (नतीजा)
👉 सीधा फॉर्मूला याद रखो:
Input → Process → Output
2️⃣ Input (इनपुट) – कंप्यूटर को क्या देते हो?
इनपुट मतलब वो जानकारी जो आप कंप्यूटर को देते हो।
उदाहरण:
- कीबोर्ड से टाइप करना
- माउस से क्लिक करना
- मोबाइल में टच करना
- माइक से बोलना
❗ सच्चाई:
कंप्यूटर खुद कुछ नहीं करता। जब तक आप इनपुट नहीं दोगे, वह बेकार बैठा रहेगा।

3️⃣ Process (प्रोसेस) – असली दिमाग CPU
CPU को कंप्यूटर का दिमाग कहा जाता है।
CPU क्या करता है?
- आपके दिए हुए निर्देश समझता है
- हिसाब-किताब करता है
- तय करता है क्या करना है
CPU के 3 भाग होते हैं (घबराओ मत, आसान है):
🧠 (a) CU – Control Unit
- यह बॉस की तरह काम करता है
- तय करता है: “पहले क्या होगा, बाद में क्या”
🧮 (b) ALU – Arithmetic Logic Unit
- जोड़, घटाना, गुणा, भाग
- तुलना करना (छोटा-बड़ा, सही-गलत)
⚡ (c) Registers
- बहुत छोटी लेकिन सबसे तेज़ मेमोरी
- काम चल रहा डेटा यहीं रहता है
4️⃣ Memory (मेमोरी) – याद रखने की ताकत
अगर कंप्यूटर सब कुछ भूल जाए, तो कोई फायदा नहीं।
दो मुख्य मेमोरी:
🔹 RAM
- अस्थायी मेमोरी
- कंप्यूटर बंद = सब साफ
- जितनी ज़्यादा RAM, उतना तेज़ काम
🔹 Hard Disk / SSD
- स्थायी मेमोरी
- फोटो, वीडियो, फाइल सब यहीं
- SSD तेज़ होती है, HDD सस्ती
👉 कड़वी सच्चाई:
धीमा कंप्यूटर ज़्यादातर कम RAM या स्लो स्टोरेज की वजह से होता है, “वायरस” हमेशा कारण नहीं होता।
5️⃣ Output (आउटपुट) – नतीजा
जो परिणाम आपको दिखता या सुनाई देता है, वही आउटपुट है।
उदाहरण:
- स्क्रीन पर टेक्स्ट
- स्पीकर से आवाज़
- प्रिंटर से पेज
अगर आउटपुट गलत है, तो या तो इनपुट गलत था या निर्देश (Software) गलत है।
6️⃣ Software – बिना इसके कंप्यूटर कबाड़ है
हार्डवेयर अकेले कुछ नहीं कर सकता।
Software के प्रकार:
- System Software – Windows, Linux, Android
- Application Software – Chrome, Word, YouTube, Games
👉 सीधी बात:
हार्डवेयर शरीर है,
सॉफ्टवेयर आत्मा है।
7️⃣ एक आसान उदाहरण (ध्यान से पढ़ो)
आपने लिखा: 2 + 3 = ?
- Input: 2 + 3
- Process: CPU ने जोड़ा
- Output: 5
इतना ही सीधा है।
🔥 निष्कर्ष
- कंप्यूटर खुद से कुछ नहीं सोचता
- यह सिर्फ़ निर्देशों का गुलाम है
- जो इंसान कंप्यूटर को अच्छे निर्देश देता है, वही आगे बढ़ता है
अगर तुम्हें प्रोग्रामिंग, इंटरनेट, या डिजिटल स्किल्स सीखनी हैं, तो यह बेस समझना अनिवार्य है। बिना नींव के इमारत नहीं बनती।